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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने एक सरकारी वेबसाइट से अंशधारकों का डाटा लीक होने की खबरों का बुधवार को खंडन किया है। उसका कहना है कि अंशधारकों से संबंधित सभी आंकड़े और जानकारियां पूरी तरह से सुरक्षित हैं। 

संगठन ने कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के जरिए दी जाने वाली सेवाओं पर खत्म कर दिया है। उसका कहना है कि यह कदम सीएससी की संवेदनशीलता की जांच लंबित रहने तक उठाया गया है।
 
ईपीएफओ का यह बयान उन रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के तहत आने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) द्वारा संचालित एक वेबसाइट aadhaar.epfoservices.com से हैकरों ने अंशधारकों का डाटा चोरी कर लिया है। ये रिपोर्ट ईपीएफओ सेंट्रल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर वीपी जॉय के सीएससी के सीईओ दिनेश त्यागी को लिखे गए खत के आधार पर सामने आईं। 

रिपोर्ट के वायरल होने के बाद ईपीएफओ से जारी बयान में कहा गया है कि वह समय-समय पर डाटा की सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी करता रहता है और सीएससी को इसी संबंध में परिपत्र जारी किया गया है। 

यह परिपत्र उन सेवाओं के बारे में है, जो सीएससी के जरिए उपलब्ध कराई जाती हैं। इसका ईपीएफओ के डाटा सेंटर से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही 22 मार्च 2018 को सीएससी के जरिए उपलब्ध कराई जानी वाली सेवाओं को रोक दिया गया है। 

ईपीएफओ ने कहा कि डाटा लीक की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। डाटा सुरक्षा के लिए ईपीएफओ ने एहतियातन सर्वर बंद कर दिया है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है तब तक सीएससी से सेवाएं प्रदान नहीं की जाएंगी। 



कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने एक सरकारी वेबसाइट से अंशधारकों का डाटा लीक होने की खबरों का बुधवार को खंडन किया है। उसका कहना है कि अंशधारकों से संबंधित सभी आंकड़े और जानकारियां पूरी तरह से सुरक्षित हैं। 


संगठन ने कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के जरिए दी जाने वाली सेवाओं पर खत्म कर दिया है। उसका कहना है कि यह कदम सीएससी की संवेदनशीलता की जांच लंबित रहने तक उठाया गया है।
 
ईपीएफओ का यह बयान उन रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के तहत आने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) द्वारा संचालित एक वेबसाइट aadhaar.epfoservices.com से हैकरों ने अंशधारकों का डाटा चोरी कर लिया है। ये रिपोर्ट ईपीएफओ सेंट्रल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर वीपी जॉय के सीएससी के सीईओ दिनेश त्यागी को लिखे गए खत के आधार पर सामने आईं। 

रिपोर्ट के वायरल होने के बाद ईपीएफओ से जारी बयान में कहा गया है कि वह समय-समय पर डाटा की सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी करता रहता है और सीएससी को इसी संबंध में परिपत्र जारी किया गया है। 

यह परिपत्र उन सेवाओं के बारे में है, जो सीएससी के जरिए उपलब्ध कराई जाती हैं। इसका ईपीएफओ के डाटा सेंटर से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही 22 मार्च 2018 को सीएससी के जरिए उपलब्ध कराई जानी वाली सेवाओं को रोक दिया गया है। 

ईपीएफओ ने कहा कि डाटा लीक की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। डाटा सुरक्षा के लिए ईपीएफओ ने एहतियातन सर्वर बंद कर दिया है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है तब तक सीएससी से सेवाएं प्रदान नहीं की जाएंगी। 





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