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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 03 May 2018 12:41 PM IST





आंधी के कारण घर पर गिरा पेड़।



आंधी के कारण घर पर गिरा पेड़।
- फोटो : amar ujala







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उत्तर प्रदेश में बुधवार रात कहर बनकर आए आंधी-तूफान ने जमकर तबाही मचाई। इसके कारण अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 38 से ज्यादा लोग घायल हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर बनी है, जिसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। हादसे में 156 मवेशियों की भी जान चली गई है।


आंधी-पानी से आगरा में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां 132 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आए तूफान ने 36 लोगों की जान ले ली। डेढ़ घंटे तक चले इस तबाही के मंजर में 35 लोग घायल हुए जबकि कई लोग बेघर हो गए हैं। यहां 150 पशुओं की भी जान जाने की खबर है। बारिश और ओले गिरने से पेड़-पौधों और फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। विद्युत व्यवस्था भी बेपटरी हो गई है। ज्यादातर इलाके में बिजली गुल है।

उधर, कानपुर मंडल क्षेत्र में आंधी-तूफान के कारण बिजनौर, चित्रकूट, उन्नाव समेत अन्य जिलों में छह लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं। यहां कई स्थान पर मवेशियों की भी जान चली गई। पेड़ गिरने से कई जगह आवागमन भी बाधित रहा। बरेली और सहारनपुर में भी तीन लोगों की मौत हो गई।

अवध के जिलों में भी आंधी-तूफान का असर दिखा। रायबरेली में एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि अलग-अलग स्थानों पर कई लोग घायल हुए हैं। अवध में आंधी-पानी के कारण बिजली व्यवस्था पर भारी असर पड़ा। बिजली के पोल गिर जाने और तार टूटने के कारण ज्यादातर जिलों में रात भर बिजली गुल रही। खेतों में रखी कटी हुई गेहूं की फसल आंधी में उड़ गई तो कई खेतों में पानी भर जाने के कारण मड़ाई और कटाई का काम ठप हो गया है।






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